लोकप्रिय पोस्ट

मंगलवार, 2 जून 2020

"रहस्य" सफ़लता पाने का


आकर्षण का नियम



आप में से बहुत से लोगो ने इसे पढ़ा होगा और इसे जानते भी होंगे तो यह लेख आपके लिये नही है मेरे प्यारे दोस्त,यह लेख उनके लिये है जो अभी तक सफलता की  चाभी की खोज करते हुए यहाँ तक पहुँच आये है, आशा करती हूँ इस वेबसाइट पर आने के बाद आपके हाथ एक उम्मीद लगेंगी न की निराशा।
एक ऐसी किताब  जो आपके जीने सोचने और समझने का तरीका ही बदल देगी, एक ऐसी किताब जो सफलता की ऊंचाइयों को छूने की सबसे पहली पहली सीढ़ी है, यादि अपने उस किताब में लिखे नियमों को खुद में उतार लिया तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता....
बड़े बड़े वैज्ञानिकों, उधमियों, कलाकार यहां तक कि हर सफल व्यक्ति ने उस किताब को सफलता की सबसे पहली चाभी कहा है, उन्होंने स्वयं पर उस किताब में लिखे नियमों का प्रयोग किया और आज वे जाने कहाँ से कहाँ पहुँच गये हैं।
जी हां मै बात कर रही हूं "रोंडा बर्न" के रहस्य की,ये एक असाधारण किताब नहीं है, इसमें लिखी एक एक बातो को मैंने सफल लोगों द्वारा उसका अनुसरण करते देखा हैं, कुछ इसको पढ़ने के बाद समझ पाते है, कुछ को सफलता का ये रहस्य जन्म से ही मिलता है।
हाल ही में मैंने अपने जान पहचान वाले एक अंकल को इसका अनुसरण करते देखा, जबकि उन्होंने ये किताब कभी नहीं पढ़ी थी,
मेरे अंकल कुछ समय पहले घर बनवा रहे थे, अब बारी थी घर की सीढ़ियां बनवाने की, वे सुबह शाम दुनिया भर के सारे काम छोड़ कर सिर्फ इस बात पर ध्यान दे रहे थे, कि सीढ़ियों को किस तरह से डिजाइन करूं की ये खूबसूरत बन जाएँ, उन्होंने उसके बारे में नेगेटिव सोचा ही नहीं सिर्फ पॉजिटिव, वे अपने काम को लेकर इतना ज्यादा सजग थे कि अब वे उन सीढ़ियों कि कल्पना भी करने लगे थे, अंत में परिणाम ये निकला की उन्होंने आख़िर कर मनचाही सीढ़ियां बनवा ही ली, आज उनके घर में जो भी आता है वह उन सीढ़ियों कि तारीफ़ किए बिना नहीं जाता....
ऐसा ही आचरण मैंने अपने एक सबसे सफल दोस्त को करते हुए देखा, वो एक बार में सिर्फ़ एक काम पर ही ध्यान लगता जब तक की वह काम पूरा नहीं हो जाता उस दौरान उसके दिमाग में उस काम को अच्छे तरीके से करने और उस काम के हो जाने के परिणाम के सिवा कुछ नहीं चलता था और आज वह बैंगलोर की एक जानी पहचानी कंपनी में एक बहुत अच्छे पद पर कार्यरत है।
अगर आप ने इस लेख को यहां तक पढ़ लिया है, तो यह भी इस बात का गवाह है कि आपके अंदर सफलता की भूख हैं, और उस भूख को मिटाने के लिए आप कुछ भी कर सकते हो, इस लेख का पढ़ना यह भी साबित करता है कि आप रहस्य के एक नियम का तो पालन कर रहे है, और वह हैं किसी चीज को पाने से पहले उसकी इच्छा करना, क्योंकि जब इच्छा होती हैं, तभी इंसान खाना ढूंढता है जब भूख जोरों की हो तो उसे खाने के सिवा और कुछ भी नहीं सूझता, मै आपको आस्वस्त करती हूँ, इस लेख को पढ़ने के बाद आप जल्द ही उस सफलता की पहली सीढ़ी को पा सकते है, जों आपको सफलता के अगले चरण तक ले जायेगी.....
ऊपर मैंने कुछ उदाहरण दिए इनके पुष्टीकरण के लिए आपको एक बार किताब अवश्य पढ़नी चाहिए, उस किताब में बड़े बड़े उधमियों, शिक्षाको, कलाकारों ने अपने अपने मत दिये है और इस बात की पुष्टि भी की हैं की उनकी सफलता के पीछे रहस्य  किताब का क्या योगदान रहा हैं, आज के समय में यह किताब आपको आसानी से मिल जायेगी, मैंने ऐसा इसलिये कहा क्योंकि एक समय ऐसा भी था जब तीन मिलियन डॉलर में बनी इस फ़िल्म किसी भी सिनेमा घर ने लेने से मना कर दिया था उसके बाद भी यह फ़िल्म इंटरनेट के माध्यम से धीरे धीरे लोगो तक पहुँचने लगी ,जिससे की सफलता का रहस्य आम लोगो तक  पहुँच जायें।

मै नीचे कुछ लिंक दे रही हूँ जहाँ से आप इस किताब को प्राप्त कर सकते है और अपने जीवन को और बेहतर बना सकते हैं।
अमेज़न -


फ्लिप्कार्ट-


ऑडियो बुक कुकु एफएम-


ऑडियो सुनने के लिए पहले आपको अप्लीकेशन डाउनलोड करनी पड़ेगी उसके बाद श्रेणी >किताबे> रहस्य किताब, जो कि कुकू एफएम पर 7 भागो में उपलब्ध हैं।
पीडीएफ - यहां पर किताब इंग्लिश पीडीएफ में उपलब्ध है यदि मुझे हिंदी में मिलती है तो मै जल्द ही आपको लिंक उपलब्ध करवा दूँगी


रहस्य फिल्म का लिंक यू ट्यूब पर -


अगर आप चाहते हैं की इस रहस्य को पढ़ने समझने और खुद में उतारने का सबसे अच्छा उपाय क्या हैं तो मैं कहूँगी की आप किताब खरीद कर पढ़े।
और अगर आप के पास पैसों की कोई दिक्कत हैं तो इस रहस्य को यु ट्यूब पर देखे क्योंकि ये वाकई में आपके आने वाले भविष्य के लिये कारगार साबित होने वाली हैं।






रविवार, 31 मई 2020

"अमीश त्रिपाठी" शिव त्रय भाग - 1 "मेलूहा के मृत्युंजय"

"अमीश त्रिपाठी" शिव त्रय भाग - 1 "मेलूहा के मृत्युंजय"

आज हम बात करेंगे जाने माने लेखक अमीश त्रिपाठी के बारे  में ,उनके द्वारा लिखी रचनाओं और किताबों के बारे में जो भी कहा जाए वह बहुत कम है।

वह वाकई में अद्भुत विचारक हैं ,जो पौराणिक कल्पना अतीत को खोदते हुए भविष्य की संभावनाओं में छलांग लगाती है। उनकी किताबों की श्रंखला, इतिहास की परतें खोलते हुए हमारी चेतना को झकझोर देती है, ऐसा कहा "दीपक चोपड़ा", जाने-माने आध्यात्मिक गुरु और सफल लेखक ने।

ऐसे ही किताब के शुरआत में ही बड़े बड़े लेखकों ने अपने बहुमूल्य शब्दो से किताब को सुसज्जित किया है, जिसे पढ़ने के बाद पाठक की उत्सुकता और बढ़ जाती है।

आज हम बात करेंगे में "शिव रचना त्रय " भाग -1 , "मेलूहा के मृत्युंजय" के विषय में,  अमीश त्रिपाठी की इस सीरीज के अगले दो भाग "नागाओं का रहस्य" और  "वायु पुत्रो की शपत" के बारे में मै अपने अगले ब्लॉग में चर्चा करूँगी....

शिव रचना त्रय भाग-1 मेलुहा के मृत्युंजय-

क्या कभी किसी ने सोचा होगा की भगवान भी आज से 1900 साल पहले एक साधारण इंसान हुआ करते थे,  वे एक सामान्य जीवन यापन करते थे, हमारी ही तरह खाते पीते सोते जागते थे,बल्कि उन्हें इस बात की खबर ही नही थी आज से 1900 साल बाद उन्हें भगवान के नाम से पूजा जायेगा, उन्होंने सिर्फ और सर्फ अपने कर्मो का निर्वाह बहुत अच्छे से किया और खुद के मकसद को पहचान कर उसे पूर्ण करके स्वर्ग को सिधार गये,फिलहाल किसी ने सोचा हो या न सोचा हो, लेखक अमीश त्रिपाठी ने इस बात को बहुत अच्छे से सोचा भी हैं और अपनी किताब के माध्यम से समझाया भी हैं।

उनके विषय में बहुत बड़े बड़े लेखक, फिल्मकार, विचारकों ने उनकी लेखन शैली की टिप्पणी की है और अमीश त्रिपाठी ने  अपनी किताब के अन्य भागो के माध्यम से उनकी कहीं बात को सार्थक करके दिखाया हैं।

किताब के विषय में -

अगर मै उस किताब से आज के समाज की तुलना करूँ तो मैं यही कहना चाहूँगी, की हम और आप आज एक आम इंसान हैं लेकिन एक दिन अपने कर्मो से हम भी पूजे जायेंगे उसके लिए आपको खुद को और दुनिया में आने के मकसद को खोजना होगा जैसे शिव जी ने अपने समय में खुद को ढूढ़ा और व्यवस्थित किया....और धीरे धीरे पर्वतों पर विजय पाते हुए कैलाश पर्वत मे विराजमान हो गये।

किताब की शुरुआत शिव जी के 21 वे साल से शुरू होती हैं लेखक ने इस बात को शुरू में ही कह दिया है....

इस चित्रा में आप देख सकते है-

तो ये थी शिव रचना त्रय का भाग -1,"मेलूहा के मृत्युंजय" .....


अंतिम शब्द-

मैं यही कहना चाहूँगी की आप एक बार इस किताब को जरूर पढ़े ये भगवान शिव की कहानी से ज्यादा आपकी और हमारी, एक आम जनमानस की कहानी है।

नीचे मैं आपको सारे लिंक दे रही हूँ जहाँ से आप ये किताब आसानी से प्राप्त कर सकते हो-

फिल्पकार्ट पर इस किताब  इंग्लिश वर्जन ₹175 का हैं और हिंदी वर्जन 248 का हैं-

https://www.flipkart.com/the-immortals-of-meluha/p/itmezunq2wcyj83b .

अमेज़न में इस किताब का का मूल्य फिल्पकार्ट के मूल्य के आबराबर ही है नीचे मैंने उसका भी लिंक दे दिया हैं-

https://www.amazon.in/Meluha-Ke-Mritunjay-Immortals/dp/9380658826/ref=mp_s_a_1_3?dchild=1&keywords=amish+tripathi+books+in+hindi+set&qid=1590927561&sprefix=amish&sr=8-3

यदि आप मेरे रिव्यू के बाद किताब खरीद कर पढ़ते है तो मुझे कमेंट के जरिये बताना न भूले.....

और जुड़े रहिये हम सब के पेज किताबे और किस्से से ओर मैं आपको इसी तरह से किताबो का रिव्यु देती रहूँगी-

http://kitaabeorkisse.blogspot.com/

मेरा एक अन्य ब्लॉग और हैं "कहानीमेरीकलमसे" वहाँ आप मेरी लिखी कहानियों को बिल्कुल मुफ़्त में पढ़ सकते हैं, मैन अपने ब्लॉग में हर तरह की कहानियाँ डाली हैं जिससे अपनी पसंद के अनुसार उससे जुड़ साके....सामाजिक कहानियाँ, प्रेम कथा, डरावनी कहानियाँ इत्यादि याद रखिये लिखने के  लिये पढ़ना बहुत जरूरी  है।

किताबे और किस्से की पूरी टीम की तरफ से सभी पाठको से अनुरोध हैं की घर पर रहे और सेफ रहे ।