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सोमवार, 8 जून 2020

भूतों की कथा.... सच या झूठ ??? horror tales exist or not???

भूतों  की कथा....  सच या झूठ ???





इस किताब को लिखने का मक़सद सिर्फ यही हैं की आपको बता सकूँ की भूत प्रेतों  का अस्तित्व होता है, ठीक वैसे ही जैसे भगवान का अस्तित्व होता हैं| 
जैसा, की हम जानते हैं प्राचीन काल में देवता और असुर हुआ करते थे, ठीक वैसे ही आज के समय में एक तरफ नकारात्मक  ऊर्जा है तो एक तरफ सकरात्मक ऊर्जा , नकारात्मक ऊर्जा पृथ्वी में दो कारण  से रहती है एक तो उनका कोई न कोई प्रारब्ध जो अधूरा रह जाता है, दूसरा वे किसी तांत्रिक द्वारा तंत्र, मंत्र से कैद कर ली जाती हैं, किसी अप्रिय घटना को अंजाम देने के लिए| 
और इस बात का प्रमाण हम आये दिन फिल्मो में देखते हैं और पढ़ते हैं आपने कभी सोचा हैं की अगर आप ऐसा देख सुन रहे हो तो क्यों ?
और इस क्यों का जवाब बस यही है की भूत प्रेत भी एक प्रकार की योनि हैं जिसमें इंसान किसी ना किसी कारण से पहुँच जाता है, कारण के बारे में मैंने ऊपर लिखा हैं |
 इस किताब के माध्यम से मैंने दोनों ही प्रकार की कहानियों  को आप तक पहुँचाने की कोशिश की हैं और इस किताब का मक़सद आपको डराना नहीं हैं  बल्कि आपके डर  को दूर करना है | 
किताब में  नौ बड़ी और छोटी कहानियों का संकलन हैं कुछ कहानियों का मैंने एक ही भाग लिखा है अगर आप सब का साथ बना रहा तो मैं जल्द ही उनके अन्य भागो के साथ आपके पास पुनः आऊँगी || 

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                                                                                                                         - किताबेंऔरकिस्से

मंगलवार, 2 जून 2020

"रहस्य" सफ़लता पाने का


आकर्षण का नियम



आप में से बहुत से लोगो ने इसे पढ़ा होगा और इसे जानते भी होंगे तो यह लेख आपके लिये नही है मेरे प्यारे दोस्त,यह लेख उनके लिये है जो अभी तक सफलता की  चाभी की खोज करते हुए यहाँ तक पहुँच आये है, आशा करती हूँ इस वेबसाइट पर आने के बाद आपके हाथ एक उम्मीद लगेंगी न की निराशा।
एक ऐसी किताब  जो आपके जीने सोचने और समझने का तरीका ही बदल देगी, एक ऐसी किताब जो सफलता की ऊंचाइयों को छूने की सबसे पहली पहली सीढ़ी है, यादि अपने उस किताब में लिखे नियमों को खुद में उतार लिया तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता....
बड़े बड़े वैज्ञानिकों, उधमियों, कलाकार यहां तक कि हर सफल व्यक्ति ने उस किताब को सफलता की सबसे पहली चाभी कहा है, उन्होंने स्वयं पर उस किताब में लिखे नियमों का प्रयोग किया और आज वे जाने कहाँ से कहाँ पहुँच गये हैं।
जी हां मै बात कर रही हूं "रोंडा बर्न" के रहस्य की,ये एक असाधारण किताब नहीं है, इसमें लिखी एक एक बातो को मैंने सफल लोगों द्वारा उसका अनुसरण करते देखा हैं, कुछ इसको पढ़ने के बाद समझ पाते है, कुछ को सफलता का ये रहस्य जन्म से ही मिलता है।
हाल ही में मैंने अपने जान पहचान वाले एक अंकल को इसका अनुसरण करते देखा, जबकि उन्होंने ये किताब कभी नहीं पढ़ी थी,
मेरे अंकल कुछ समय पहले घर बनवा रहे थे, अब बारी थी घर की सीढ़ियां बनवाने की, वे सुबह शाम दुनिया भर के सारे काम छोड़ कर सिर्फ इस बात पर ध्यान दे रहे थे, कि सीढ़ियों को किस तरह से डिजाइन करूं की ये खूबसूरत बन जाएँ, उन्होंने उसके बारे में नेगेटिव सोचा ही नहीं सिर्फ पॉजिटिव, वे अपने काम को लेकर इतना ज्यादा सजग थे कि अब वे उन सीढ़ियों कि कल्पना भी करने लगे थे, अंत में परिणाम ये निकला की उन्होंने आख़िर कर मनचाही सीढ़ियां बनवा ही ली, आज उनके घर में जो भी आता है वह उन सीढ़ियों कि तारीफ़ किए बिना नहीं जाता....
ऐसा ही आचरण मैंने अपने एक सबसे सफल दोस्त को करते हुए देखा, वो एक बार में सिर्फ़ एक काम पर ही ध्यान लगता जब तक की वह काम पूरा नहीं हो जाता उस दौरान उसके दिमाग में उस काम को अच्छे तरीके से करने और उस काम के हो जाने के परिणाम के सिवा कुछ नहीं चलता था और आज वह बैंगलोर की एक जानी पहचानी कंपनी में एक बहुत अच्छे पद पर कार्यरत है।
अगर आप ने इस लेख को यहां तक पढ़ लिया है, तो यह भी इस बात का गवाह है कि आपके अंदर सफलता की भूख हैं, और उस भूख को मिटाने के लिए आप कुछ भी कर सकते हो, इस लेख का पढ़ना यह भी साबित करता है कि आप रहस्य के एक नियम का तो पालन कर रहे है, और वह हैं किसी चीज को पाने से पहले उसकी इच्छा करना, क्योंकि जब इच्छा होती हैं, तभी इंसान खाना ढूंढता है जब भूख जोरों की हो तो उसे खाने के सिवा और कुछ भी नहीं सूझता, मै आपको आस्वस्त करती हूँ, इस लेख को पढ़ने के बाद आप जल्द ही उस सफलता की पहली सीढ़ी को पा सकते है, जों आपको सफलता के अगले चरण तक ले जायेगी.....
ऊपर मैंने कुछ उदाहरण दिए इनके पुष्टीकरण के लिए आपको एक बार किताब अवश्य पढ़नी चाहिए, उस किताब में बड़े बड़े उधमियों, शिक्षाको, कलाकारों ने अपने अपने मत दिये है और इस बात की पुष्टि भी की हैं की उनकी सफलता के पीछे रहस्य  किताब का क्या योगदान रहा हैं, आज के समय में यह किताब आपको आसानी से मिल जायेगी, मैंने ऐसा इसलिये कहा क्योंकि एक समय ऐसा भी था जब तीन मिलियन डॉलर में बनी इस फ़िल्म किसी भी सिनेमा घर ने लेने से मना कर दिया था उसके बाद भी यह फ़िल्म इंटरनेट के माध्यम से धीरे धीरे लोगो तक पहुँचने लगी ,जिससे की सफलता का रहस्य आम लोगो तक  पहुँच जायें।

मै नीचे कुछ लिंक दे रही हूँ जहाँ से आप इस किताब को प्राप्त कर सकते है और अपने जीवन को और बेहतर बना सकते हैं।
अमेज़न -


फ्लिप्कार्ट-


ऑडियो बुक कुकु एफएम-


ऑडियो सुनने के लिए पहले आपको अप्लीकेशन डाउनलोड करनी पड़ेगी उसके बाद श्रेणी >किताबे> रहस्य किताब, जो कि कुकू एफएम पर 7 भागो में उपलब्ध हैं।
पीडीएफ - यहां पर किताब इंग्लिश पीडीएफ में उपलब्ध है यदि मुझे हिंदी में मिलती है तो मै जल्द ही आपको लिंक उपलब्ध करवा दूँगी


रहस्य फिल्म का लिंक यू ट्यूब पर -


अगर आप चाहते हैं की इस रहस्य को पढ़ने समझने और खुद में उतारने का सबसे अच्छा उपाय क्या हैं तो मैं कहूँगी की आप किताब खरीद कर पढ़े।
और अगर आप के पास पैसों की कोई दिक्कत हैं तो इस रहस्य को यु ट्यूब पर देखे क्योंकि ये वाकई में आपके आने वाले भविष्य के लिये कारगार साबित होने वाली हैं।






रविवार, 31 मई 2020

"अमीश त्रिपाठी" शिव त्रय भाग - 1 "मेलूहा के मृत्युंजय"

"अमीश त्रिपाठी" शिव त्रय भाग - 1 "मेलूहा के मृत्युंजय"

आज हम बात करेंगे जाने माने लेखक अमीश त्रिपाठी के बारे  में ,उनके द्वारा लिखी रचनाओं और किताबों के बारे में जो भी कहा जाए वह बहुत कम है।

वह वाकई में अद्भुत विचारक हैं ,जो पौराणिक कल्पना अतीत को खोदते हुए भविष्य की संभावनाओं में छलांग लगाती है। उनकी किताबों की श्रंखला, इतिहास की परतें खोलते हुए हमारी चेतना को झकझोर देती है, ऐसा कहा "दीपक चोपड़ा", जाने-माने आध्यात्मिक गुरु और सफल लेखक ने।

ऐसे ही किताब के शुरआत में ही बड़े बड़े लेखकों ने अपने बहुमूल्य शब्दो से किताब को सुसज्जित किया है, जिसे पढ़ने के बाद पाठक की उत्सुकता और बढ़ जाती है।

आज हम बात करेंगे में "शिव रचना त्रय " भाग -1 , "मेलूहा के मृत्युंजय" के विषय में,  अमीश त्रिपाठी की इस सीरीज के अगले दो भाग "नागाओं का रहस्य" और  "वायु पुत्रो की शपत" के बारे में मै अपने अगले ब्लॉग में चर्चा करूँगी....

शिव रचना त्रय भाग-1 मेलुहा के मृत्युंजय-

क्या कभी किसी ने सोचा होगा की भगवान भी आज से 1900 साल पहले एक साधारण इंसान हुआ करते थे,  वे एक सामान्य जीवन यापन करते थे, हमारी ही तरह खाते पीते सोते जागते थे,बल्कि उन्हें इस बात की खबर ही नही थी आज से 1900 साल बाद उन्हें भगवान के नाम से पूजा जायेगा, उन्होंने सिर्फ और सर्फ अपने कर्मो का निर्वाह बहुत अच्छे से किया और खुद के मकसद को पहचान कर उसे पूर्ण करके स्वर्ग को सिधार गये,फिलहाल किसी ने सोचा हो या न सोचा हो, लेखक अमीश त्रिपाठी ने इस बात को बहुत अच्छे से सोचा भी हैं और अपनी किताब के माध्यम से समझाया भी हैं।

उनके विषय में बहुत बड़े बड़े लेखक, फिल्मकार, विचारकों ने उनकी लेखन शैली की टिप्पणी की है और अमीश त्रिपाठी ने  अपनी किताब के अन्य भागो के माध्यम से उनकी कहीं बात को सार्थक करके दिखाया हैं।

किताब के विषय में -

अगर मै उस किताब से आज के समाज की तुलना करूँ तो मैं यही कहना चाहूँगी, की हम और आप आज एक आम इंसान हैं लेकिन एक दिन अपने कर्मो से हम भी पूजे जायेंगे उसके लिए आपको खुद को और दुनिया में आने के मकसद को खोजना होगा जैसे शिव जी ने अपने समय में खुद को ढूढ़ा और व्यवस्थित किया....और धीरे धीरे पर्वतों पर विजय पाते हुए कैलाश पर्वत मे विराजमान हो गये।

किताब की शुरुआत शिव जी के 21 वे साल से शुरू होती हैं लेखक ने इस बात को शुरू में ही कह दिया है....

इस चित्रा में आप देख सकते है-

तो ये थी शिव रचना त्रय का भाग -1,"मेलूहा के मृत्युंजय" .....


अंतिम शब्द-

मैं यही कहना चाहूँगी की आप एक बार इस किताब को जरूर पढ़े ये भगवान शिव की कहानी से ज्यादा आपकी और हमारी, एक आम जनमानस की कहानी है।

नीचे मैं आपको सारे लिंक दे रही हूँ जहाँ से आप ये किताब आसानी से प्राप्त कर सकते हो-

फिल्पकार्ट पर इस किताब  इंग्लिश वर्जन ₹175 का हैं और हिंदी वर्जन 248 का हैं-

https://www.flipkart.com/the-immortals-of-meluha/p/itmezunq2wcyj83b .

अमेज़न में इस किताब का का मूल्य फिल्पकार्ट के मूल्य के आबराबर ही है नीचे मैंने उसका भी लिंक दे दिया हैं-

https://www.amazon.in/Meluha-Ke-Mritunjay-Immortals/dp/9380658826/ref=mp_s_a_1_3?dchild=1&keywords=amish+tripathi+books+in+hindi+set&qid=1590927561&sprefix=amish&sr=8-3

यदि आप मेरे रिव्यू के बाद किताब खरीद कर पढ़ते है तो मुझे कमेंट के जरिये बताना न भूले.....

और जुड़े रहिये हम सब के पेज किताबे और किस्से से ओर मैं आपको इसी तरह से किताबो का रिव्यु देती रहूँगी-

http://kitaabeorkisse.blogspot.com/

मेरा एक अन्य ब्लॉग और हैं "कहानीमेरीकलमसे" वहाँ आप मेरी लिखी कहानियों को बिल्कुल मुफ़्त में पढ़ सकते हैं, मैन अपने ब्लॉग में हर तरह की कहानियाँ डाली हैं जिससे अपनी पसंद के अनुसार उससे जुड़ साके....सामाजिक कहानियाँ, प्रेम कथा, डरावनी कहानियाँ इत्यादि याद रखिये लिखने के  लिये पढ़ना बहुत जरूरी  है।

किताबे और किस्से की पूरी टीम की तरफ से सभी पाठको से अनुरोध हैं की घर पर रहे और सेफ रहे ।



  



शनिवार, 30 मार्च 2019

हाफ गर्लफ़्रेंड चेतन भगत

हाफ गर्लफ्रैंड चेतनभगत

चेतनभगत ने अपनी इस उपन्यास में एक नई प्रकार लव स्टोरी बतायी है, जिसमें एक लड़का और लड़की एक दूसरे को प्रेम तो करते है, पर अपने इस रिश्ते को एक ऐसा नाम देते है, जो कि किताब का टाइटल भी हैं "हाफ गर्लफ्रेंड" पूरी किताब इस नाम के इर्द गिर्द घूमती है।
यहां एक बात और देखने को मिलती है की एक लड़की की ख़ूबसूरती का वर्णन एक लेखक कितने बख़ूबी तरीक़े से कर सकता है।

कॉलेज के फुटबॉल कैम्प से शुरू होती है, औऱ आगे हम पढ़ते हैं कैसे दोनो में प्रेम होता है और फिर उनका रिश्ता एक दिलचस्प मोड़ पर आके जाता है, जहां उसे कोई नाम देना जरूरी होता है।

हाफगर्लफ्रेंड" उपन्यास पर आधारित एक फ़िल्म भी वर्ष 2017 में बॉलीवुड में अपने गानों की वजह से धूम मचा चुकी है। बाकी किताब की कहानी और उपन्यास में काफी फ़र्क़ है।

उपन्यास फ़िल्म और किताब दोनो के रूप मे ही चर्चित रही है। अपनी विशेष कहानी की वजह से चेतनभगत की बहुत सी किताबों पर फिल्में बनी जो अपने अपने स्तर तक काफी सफल रही...

अगर आप लव स्टोरी पसंद करते है तो एक बार इस कहानी को ज़रूर पढ़े क्योंकि यह अपने में एक अलग तरह की कहानियों में से एक हैं।

हम अपने अगले लेख में चेतन भगत की और किताबों की चर्चा करेंगे आप ये किताब अमेज़ॉन से खरीद साथ ही किंडल ऐप्प पर बिना किसी शुल्क के पढ़ सकते है।

मेरा सुझाव होगा की किताब खरीद कर पढ़े क्योकि उस किताब की ही वजह से आप कुछ देर आपके दिमाग़ का कचरा करने वाली डिवाइस से दूर रह सकेंगे।

मैंने लिंक नीचे लिंक दिया है आप वहां से सीधे ये बुक खरीद सकते है।

https://www.amazon.in/dp/8129135728/ref=cm_sw_r_cp_awdb_t1_BZ60Eb6QP2XMY

अमेज़ॉन पर ये किताब मात्र 92 रुपये में उपलब्ध हैं जो आपके मोबाइल के रिचार्ज का 4 चौथाई भाग है।
और अन्य उपन्यास के बारे में जानने के लिए आप कमेंट कर सकते हो या मुझे सीधे ई मेल  vk338315@gmail.com कर सकते हो मैं हर संभव कोशिश करूँगी आपके सवालो का जवाब देने की।
मेरा लेख पढ़ने के लिये दिल से शुक्रिया।


गुनाहों का देवता धर्मवीर भारती



                                                                       "गुनाहों का देवता "
                                              गुनाहों का देवता by धर्मवीर भारती ...

जैसे किताबो का  मक़सद है हमे सामाजिक मुद्दों पर विचार करना सिखाना, वैसे ही हमारे ब्लॉग का मकसद है, आपको जागरूक करना और सोचने समझने के लिए हर उस किताब तक आपको ले जाना  जो आपको सामाजिक  मुद्दों को उठाने और उनपर चर्चा करने के काबिल बनाये।
बिना ज्यादा देर किये हम चलते है सीधे धर्म  वीर भर्ती  की  "गुनाहो  का देवता "    की  ओर -:

गुनाहो का देवता एक ऐसी किताब है जो आज के कई सवालो का जवाब देती है और शुरू से अंत तक हमें बाँधे  रखती है।

बँधती कुछ ऐसे है की किताब पढ़ते समय एक पल आपको लगेगा किसी ने आपकी ही कहानी का एक हिस्सा  सामने रख दिया है, तो दूसरे पल आप देखोगे की, अरे! ये तो आपके उस दोस्त की कहानी है जो  अक्सर आपको प्यार और दोस्ती में फर्क का  पाठ  पढ़ाया करता हैं।

इस किताब को हम आज के परिवेश से इसलिए जोड़ सकते है  क्योकि यहाँ पर सेक्स ऐसे विषयों  की लेखक ने बखूबी चर्चा की है।

एक ऐसा विषय जिसको लेकर सवाल तो सबके मन में है, पर कोई खुल के बात करना नही  पसंद करता है।
परवान चढ़ती दोस्ती औऱ रिश्तों  के अनसुलझे पहलुओं को जानने औऱ समझने के लिये मैं आपको सुझाव दूँगी की आप एक बार धर्मवीर भारती की "गुनाहों का देवता" पढ़े|

अन्य किताबों  के विषय जानने के लिए  नीचे दिये  लिंक पर  क्लिक करे 


अमेज़न पर इस किताब को ख़रीदने  के लिये नीचे दिये लिंक पर क्लिक करे -


ऑनलाइन पढ़ने के लिये  नीचे दी गई लिंक पर क्लिक -



मेरे द्वारा लिखी गई  कहानियों  को पढ़ने के लिये नीचे दी गई  लिंक पर क्लिक करे -


आप मुझे कमेंट कर सकते है हिंदी की किसी भी नॉवेल के बारे में जानने के लिये। या मुझे मेल कर सकते हो vk338315@gmail.com पर।


रविवार, 12 अगस्त 2018

सेवासदन मुंशीप्रेम चंद


                                                              " सेवासदन मुंशीप्रेम चंद" 

सबसे  पहले  आपसे  बहुत  बहुत  माफ़ी   मांगना  चाऊंगी  जो  बहुत दिनों  से  मेरे  नये  पोस्ट का इंतज़ार  कर  रहे  हैं, और मैं  उन्हें  लगातार इंतज़ार  करवा  रही  हूँ।
दोस्तों आज  हम फ़िर  हाज़िर हुए हैं  अपनी नयी  किताब के  साथ , क़िताबे   और  किस्से  के  कुछ  और  किस्सों  के  साथ   जैसा की आप  सब  जानते  हर  बार  हम  हिंदी  के  महान  लेखकों की  किताबों  की  व्याख्या  करते  हैं  और  आपसे  ये  इच्छा  जाहिर  करते  है  की  आप  भी  उस  पुस्तक  को उसी  रस  और  आनन्द  के  साथ पढ़े  जो आनन्द  मुझे  अपने  नये  पोस्ट  को  लिखने  में  आता  हैं।
 
मैं  किताब  को  पहले  बहुत  ही आनन्द  के साथ  पढ़ती  हूँ  उसके  बाद   ही  आपके  साथ साँझा  करती  हूँ। तो  दोस्तों मेरा  इतना तो हक़  बनता  है  की  आपसे  बोलो  के  मेरे  रिव्यु  पर  अपनी  प्रतिक्रिया  देना  न  भूले , कहाँ ? अरे  भाई  कमेंट  बॉक्स  में  यही  तो  एक जरिया  है  जो  मेरा आपका और  हम  सबका रिश्ता   और  मज़बूत  बनाता  हैं। 
 
ओके , सॉरी  अगेन  आई  नो  यू  आर वेटिंग  फ़ॉर  ओल्ड  बुक  रिव्यु  इन न्यू   स्वाति ' स स्टाइल चालो  अच्छा  अब  बता  ही  देती  हूँ  आज  किस  क़िताब  के  बारे  में  बताऊँगी। . वैसे  ये  मजाक  ही  था  क्योकि  इंतज़ार  की  कोई  बात  ही  नहीं  थी  क्योंकि  हमने तो पोस्ट  का  नाम   ही  ऐसा  रखा  है  की  आपको  जाने  कब  पता  चल  चुका  होगा  और  अभी  आपको  मेरे  ब्लॉग  में  बने  रहने  का भी  यही  कारण  था। .वैसे  अब  इतना समय  रुक  गये हो  तो  दो  मिनट  और  सही।
                                      .

आज  की  किताब का क़िस्सा   है  कहानियों के  लेजेंड  और  कलम  के  सिपाही  मुंशी  प्रेमचंद्र  जी  के  द्वारा  लिखी  गयी  उपन्यास  "सेवासदन " सेवासदन  एक  ऐसी  स्त्री  की कहानी  है  जो  अपने   द्वारा  धिक्कारे  जाने  पर और  उसे  जीवन यापन  का  और  कोई  मार्ग  न मिलने पर वो  एक  वैश्या की  जिंदगी अपनाने में  मजबूर हो  जाती  है। 

वैसे  तो  उसे  उसके  घर  के सामने  रहने  वाली  वैश्या  के कपड़ो  उसके  रहन  सहन  ने  हमेशा ही  प्रभावित  किया  था लेकिन उसने कभी भी ऐसा नहीं सोचा था की एक वक़्त ऐसा भी आयेगा  की उसे मजबूरन वैश्य की जिंदगी जीने के लिये  मजबूर होना पड़ेगा। 

 उसकी  जिंदगी  में  कुछ  ऐसा  हो रहा  था। .. की  उसको  दूर  के  ढोल  सुहावने  लग  रहे  थे  परन्तु  कुछ  चीज़े  बाहर  से  जैसी  दिखती  है  वैसी  होती  नहीं  , इस  बात  का इल्म  उसे  तब  हुआ  जब  वो  उस  पेशे  में  रंग  चुकी  थी, लेकिन  एक  बात  जो  बहुत  ही बेहतरीन रही की  वक़्त  रहते  उसने  खुद  को  बाहर  ही  नहीं  निकाला  अपितु  उसने  वैश्या  की  लड़कियों को  पढ़ाने  और  उनकी  देख  रेख  करने  का  जिम्मा  अपने  सर  पर ले  लिया। ... कहानी  में  बहुत से  उतार  चढ़ाओ  है उस  समये  के समाज  और  लोगो  को  प्रेमचंद्र  जी ने  बखूबी   क़िताब में  उतारा  हैं।
पूरी  कहानी  जानने  के  लिए  पढ़े  "उपन्यास  सेवासदन "और  किताबो  के  और  किस्से  जानने  के  लिये  बने  रहिये  मेरे  यानी  किताबे  और  किस्से  के  संग।

आप इस किताब  को अमेज़न , फ्लिपकार्ट ,गूगल ,प्रतिलिपि एवम  अन्य साइट्स में पढ़ सकते है। 

मेरे द्वारा लिखी गई  कहानियों  को पढ़ने के लिए नीचे दिये लिंक पर क्लिक करे मैंने अपने नये  ब्लॉग को आपकी सुविधा के अनुसार हर तरह की कहानियाँ को लिखने का प्रयास किया हैं एक बार लिंक पर क्लिक जरूर करे -



आज  इस  पोस्ट  के  साथ  एक खुशखबरी  भी  देना  चाहूँगी  की जल्द  ही  मैं  अपने  नये  ब्लॉग  के  साथ  नये  रूप में  मिलूंगी। 


गुरुवार, 19 जुलाई 2018

रविन्द्रनाथ टैगोर जी का उपन्यास "गोरा"


रविन्द्रनाथ  टैगोर  जी का उपन्यास "गोरा"

गोरा: Gora (A Novel by Rabindranath Tagore)



गौर  मोहन  बाबू (गोरा ) जो  बचपन से  ही इस  भ्रम  में  जीता  है  की  वो  एक हिन्दू ब्राह्मण  हैं,  लेकिन जब उसे पता चलता हैं की जिन्हें वो  माता  पिता  मानकर  हिन्दू होने  पर  गर्व  करता रहा  वें  उसके माता  पिता  है  ही  नहीं  और  वो  किसी आयरिश  व्यक्ति  की  संतान  हैं  जिसके  पिता उसके जन्म से  पहले  ही  गुजर  गये और  माँ उसको जन्म देते ही। ..... तब गोरा  का  समाज  को देखने का  नज़रिया कैसे बदलता  हैं. ......

जानने के लिये  पढ़े - रविन्द्रनाथ  टैगोर  जी का उपन्यास "गोरा"। ..... मेरे  ख्याल  से  गोरा  उपन्यास  के  बारे  में  सिर्फ  इतना कहना काफी न होगा। ..... इस  उपन्यास  में  परिवार  भी हैं ,दोस्ती  भी  है ,प्यार भी हैं  और  हमेशा दूसरो  की  जिंदगी  में झाँकने वाले किरदार  भी है..  

जात,पात धर्म ,समाज  का भी  व्याख्यान  रविन्द्रनाथ टैगोर ने  अपने इस उपन्यास  में  बख़ूबी किया  हैं..... 
आपको  यह  उपन्यास  अमेज़ॉन  में  मिल  जाएगा। ..... गोरा  उपन्यास  के  और  दिलचस्प  अध्याये  जानने  के लिये नीचे कमेंट  बॉक्स  में  कमेंट  करे...... बाकी  आप  चाहे तो  जरूरी सुझाव  के लिये   सलाह  भी  दे  सकते  है। .. 
अगर  आपको  मेरी  लेखनी  जरा भी  दिलचस्प  लगती  हो  तो आप  मेरी  लिखी  हुई  कवितायें फेस  बुक  पर  मेरी कविताओं  का  मंच  नाम  से  फेस बुक  पर पढ़  सकते है। 

मेरे द्वारा लिखी गई कहानियों और उपन्यास को पढ़ने के लिये नीचे दिए लिंक पर क्लिक करे -


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बने  रहिये  किताबे  और  किस्से  के  साथ। ...  किताबो के   ऐसे  ही  दिलचस्प  किस्से  जानने  के लिये  आज  के  लिये  नमस्कार। 



शनिवार, 14 जुलाई 2018

"Filmsandbooks"

किताबे और  किस्से में आप  सब  का स्वागत  हैं.......


दोस्तों ये तो हम सभी जानते है ज़िन्दगी  का कोई भी पड़ाव  हो हम किताबो से रुबारु हो ही  जाते  हैं, फिर चाहे वो बचपन की  "नंदन " हो  या लड़कपन  कि  "हॉफ  गर्ल  फ्रेंड" कभी कहानियों की, दुनिया में  डूबने का मन हो तो  प्रेमचंद्र की कहानियों में गोते लगाते हैं और अगर प्यार में  हो गुलज़ार के संग थोड़ा गुलजार हो जाते हैं और जैसे जैसे वक़्त बदलता हैं हमारी किताबें भी अपना स्वारुप बदल लेती हैं।...



अपने इस ब्लॉग से मैं आपको बताऊँगी की वो कागज की दुनिया आज के डीजिटल युग से कितनी अलग हैं" 

यहाँ मै हर उस किताब के किस्से बताऊँगी जो मैंने पढ़ी हैं और आपको एक बार  फिर कागज़ की उस दुनिया में ले जाने की  कोशिश करुँगी जहाँ एक दोस्त बिन कुछ बोले बहुत कुछ बोल जाता है , और उसी दोस्त को हम बहुत पीछे छोड़ आये हैं ||




जब मैं भटक जाती हुँ तो, 
किताबे मुझे रास्ता दिखाती  है ।
जब  उदास होती हूँ  तो किताबें,
ख़ुशी  बन जाती है।... 

बस  इतना ही रिशता हैं  मेरा  उस  कागज  की दुनिया सें....

अगर  आपको भी  किताबे  पढ़ने  का  शौक है तो जुड़े रहिये किताबे  और किस्से  के   साथ...